लाइसेंस बनवाने के नाम पर वसूली मंजूर नहीं, नगरपालिका के विरोध में मुखर होंगे व्यापारी

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बस्तीः नगरपालिका की ओर से व्यापारियों पर लाइसेंसिंग के नाम पर नई देनदारी तय करने की तैयारी की जा रही है। शुरूआती दौर में कपड़ा व्यवसाइयों को इस दायरे में रखा जा रहा है, बाद में हर प्रकार के व्यवसाइयों पर नगरपालिका लाइसेंस बनवाने के नाम पर एक और बोझ लादा जायेगा। इस बावत कपड़ा व्यवसाइयों को नोटिस थमाई गयी है जिसका पुरजोर विरोध शुरू हो गया है।

बसती उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष एवं आनंद राजपाल एवं नगर अध्यक्ष अजय चौधरी ने इसे नाजायज बताते हुये व्यापारियों के हित में निर्णायक संघर्ष छेड़ने की बात कही है। जो पम्पलेट बांटकर व्यापारियों से उनका समर्थन मांगा जा रहा है उस पर लिखा है- हम व्यापारी तरह तरह के टैक्स देकर देश की आर्थिक प्रगति में हिस्सेदारी निभा रहे हैं। इसके बावजूद भी स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त करों का बोझ डालकर व्यापारियों की कमर तोड़ने की कोशिश की जा रही है जो व्यापारियों को कतई मंजूर नही है।

व्यापारी अपनी कड़ी मेहनत से जो कमाई करते हैं उस पर आयकर देते हैं, सामानों की बिक्री और सेवाओं पर जीएसटी देते हैं, इतना ही नही नगरपालिका स्तर पर, जल कर, गृह कर, जिला पंचायत स्तर पर वैभव कर, लाइसेंसिंग के नाम पर व्यापारियों से मोटी रकम वसूल की जा रही है। इसके बावजूद अब नगरपालिका की ओर से लाइसेंस बनवाने के नाम पर व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने का प्रयास किया जा रहा है। मनमानी का आलम ये है कि न देने पर निर्धारित की गई राशि का 10 गुना पेनाल्टी के रूप में वसूल किये जाने की धमकी दी जा रही है। वन नेशन वन टैक्स के नाम पर जनता और व्यापारी पहले ही खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

सरकार की ये घोषणा एक जुमला बनकर रह गयी। कपड़े के व्यापार पर इससे पहले बिक्री पर कोई टैक्स नही लगता था। बाद में सरकार इसे जीएसटी के दायरे में लाकर व्यापारियों और ग्राहकों की हालत खस्ता कर दी। अब तक की देनदारियों का व्यापारी बखूबी भुगतान करता आ रहा है लेकिन अब कोई भी टैक्स मंजूर नही है। बेहतर होगा नगरपालिका इस पर पुनः विचार करे। नगरपालिका द्वारा लिया जा रहा जल कर, गृह कर ही पर्याप्त है। इसमे जो लोग व्यापार कर रहे हैं वे आवासीय मकानों पर लगने वाले कर का तीन गुना दे रहे हैं। नगरपालिका की ओर लगाया जा रहा नया टैक्स हम व्यापारियों को किसी भी दशा में मंजूर नही है। यदि इसे वापस नही लिया गया तो व्यापारियों को निर्णायक संघर्ष छेड़ना होगा। आप संघर्ष में हिस्सा लेना चाहते हैं तो कृपया नीचे दिये गये मोबाइल नम्बर पर फोन करके अपनी संस्तुति दें।

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